दामिनी की राखी देख के आपके आँखों में आशु अजायँगे और प्रेरणा भी


 Girl born with no hand wins Golden Book of World Records:-

Girl(Damini) born with no hand wins Golden Book of world Records
Mother Painting 

दामिनी सेन उन लाखो लोगो के लिए  लिए एक प्रेरणा का है.जिन्होंने ये सोच लिया की भगवान ने मुझे दोनों हाथ नहीं दिए । दामिनी के दोनों हाथ न  होने पर भी अपने  पैरों से उन्होंने अपनी भाग्य  लिखकर सबको अपना लोहा मनवा दिया मात्र
1 घंटे के अन्दर 40  पेंटिंग बनाकर अपने नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड की  दर्ज करवाया है . दामिनी एक बहुत ही छोटे से गांव  रायपुर में जन्मी दामिनी जैसे ही पैदा हुई तो जन्म से ही दोनों हाथ नहीं थे. सबने कहा ये बेटी सदोष है, क्योंकि दोनों हाथ नहीं है ।

मां और उनकी पूरी समिति को दामिनी पर फक्र है . दामिनी की मां माधुरी का कहना  हैं कि बुरा ये कभी नहीं लगता कि बेटी विकलांग हुई है , बुरा इस बात का लगा कि दामिनी के पैदा होते ही  उसे अशुभ बोलने लगे . ये कैसी समाज , कैसा दुनिया है?

दामिनी अपने माँ का चित्र बना कर उनको मदर डे के दिन गिफ्ट भेंट दिया  ।

दामिनी को स्कूल  संघर्ष

जब सारे आस पास के स्कूल में दाखिला नहीं मिला तब उनकी माँ माधुरी के हौसले टूटने लगे एक आखरी स्कूल बंजारी गुरुकुल विद्यालय बचा था जिन्होंने ना सिर्फ दामिनी का दामन थामा बल्कि उनको हर स्तर में आगे लेगए और उनकी और दामिनी की मेहनत से दामिनी ने 10 कक्षा  मैं 80 से ज्यादा प्रतिशत लाया और 12 कक्षा में 70 से ज्यादा प्रतिशत लाकर स्कूल का नहीं पुरे जिले का नाम गौरव किया है ।

Damini sen no hands
Rakshabandan 


यह दृश्य रक्षाबंधन के पर्व का है जिसमे दामिनी अपने भाई को राखी बांधती हुई नजर आ रही है । अंत मई एक लाइन जो दामिनी ने कहा मंजिलें उनको मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है

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